तखतगढ़ के अभय दास महाराज के नेतृत्व में नीलकंठ महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में गोवा के पद्मश्री ब्रह्मोशानंदाचार्य, मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद

Abhaydas Ji Maharaj – शहर के जूंजाणी मार्ग पर स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर की 11 दिवसीय प्राण -प्रतिष्ठा के चौथे दिन शुक्रवार को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गोवा के पद्मश्री ब्रह्मोशानंदाचार्य स्वामी, तखतगढ़ धाम पीठ के अभय दास महाराज, जोधपुर से राजारामजी महाराज, गुड़ा मांगलियान के महेंद्रसिंह राणावत, खेड़ापा के गोविंदराम शास्त्री सहित कई साधु संतो ने शिरकत की।

श्री नीलकंठ महादेव ट्रस्ट द्वारा आयोजित नौ दिवसीय( 18 से 26 जनवरी तक) “भव्य श्री राम कथा” के तीसरे दिन संत व कथावाचक श्री मुरलीधर जी महाराज की अमृतवाणी व संत समागम के आगमन और भारी संख्या में पधारे हुए भक्तजनों से लबरेज कथा पंडाल में गूंजते हुए जय- जय श्री राम के नारों से गुंजायमान भक्ति व सत्संग में बीता।

तखतगढ़ के अभय दास महाराज के नेतृत्व में नीलकंठ महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में गोवा के पद्मश्री ब्रह्मोशानंदाचार्य, मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद

इस सुअवसर पर पूज्य आई रूपल माता जी , पूज्य गोविंदराम जी शास्त्री, मेरे मित्र आत्मीय पूज्य महेन्द्र सिंह जी, पूज्य रामदास जी शास्त्री, पूज्य रघुनाथ भारती जी, पूज्य हीरादास जी महाराज की उपस्थिति रही।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत मंदिर पहुंचने पर गाजे बाजे के साथ स्वागत किया गया। इससे पूर्व भगवान वराह श्याम के मंदिर पहुंचकर दर्शन कर किए। उन्होंने बताया कि मैं आज भगवान परशुराम की भूमि से भगवान नीलकंठ महादेव के दर्शन करने आया हु। यहां आकर नीलकंठ भगवान के 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। आयोजक परिवार की सराहना करते हुए बताया कि पहले ऐसे मंदिर केवल राजा महाराजा द्वारा ही बनाया जाता था। जो 400 से 500 वर्षों से खड़े है। उनको कई सालों तक याद किया जाता था।वही काम आपने किया है। इसी अमृत काल मे राम मंदिर से लेकर कई भव्य मंदिर बनाए जा रहे।

गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सांवत जी और पद्मश्री सद्गुरू ब्रह्मेशानंद जी के साथ उपस्थित

गोवा के पद्मश्री ब्रह्मोशानंदाचार्य स्वामी ने भी बताया कि गोवा गौ माता के नाम से प्रसिद्ध है। जो भगवान परशुराम की भूमि है। हम कई भी रहे धर्म को अपने मन में बिठाना चाहिए। आज भगवान राम की कथा सुनने का सौभाग्य मिला। उसके बाद आयोजक परिवार प्रेमसिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में तखतगढ़ धाम पीठ के अभय दास महाराज ने कार्यक्रम में संचालन किया। मुख्यमंत्री के हाथों से रुद्राक्ष के 9 पौधों का विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को वितरण किए।इससे पूर्व सीएम ने मन्दिर परिसर में गौ माता की भी पूजा की। कथावाचक परम पूज्य संत मुरलीधर महाराज ने भगवान शिव के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि माता उमा को भी तप करने के लिए साधु के रूप में स्वपन में आकर बताया गया। क्योंकि जीवन में तप की बड़ी भूमिका अहम है। इसीलिए हमें तप करना ही चाहिए।

साढे 3 घंटे रुके सीएम गोवा के मुख्यमंत्री 12.30 बजे हेलीकॉप्टर से पहुंचे। जिसके बाद सीएम का काफिला रानीवाड़ा से खारी रोड़ से होते हुए मुख्य बाजार में पहुंचकर भगवान वाराह श्याम के दर्शन किए।जिसके बाद काफिला मुख्य बाजार से होते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचा। वहा पूजा अर्चना की इस दौरान दोपहर तक मुख्य बाजार बंद रहा। 4 बजे तक भीनमाल रुके। पुलिस ने सीएम के आने को लेकर मुख्य बाजार में जाने वाले वाहनों को हाई अलर्ट पर रखा गया।

तखतगढ़ के अभय दास महाराज के नेतृत्व में नीलकंठ महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में गोवा के पद्मश्री ब्रह्मोशानंदाचार्य, मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद

50 हजार रुद्राक्ष के पौधों का वितरण :

गोवा के मुख्यमंत्री के हाथों से 9 रुद्राक्ष के पौधों का वितरण किया गया। शहर के विभिन्न संगठनों के 9 सदस्यों को बुलाकर मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए।जो भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है। ये पौधे सभी को वितरण किए जाएंगे। बाबा रामदेव ने करवाया योग: प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव सवेरे 5 बजे योगा प्राणायाम करवाया गया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों एवं बालकों ने भाग लेकर योगा का आनंद लिया।

गोवा के मुख्यमंत्री के हाथों से 9 रुद्राक्ष के पौधों का वितरण किया गया। शहर के विभिन्न संगठनों के 9 सदस्यों को बुलाकर मुख्यमंत्री के द्वारा दिए गए