भोजपुरी लोकगायक गुंजन सिंह का नया गाना “पानी बिना मर जैतय किसान” लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यह गाना आज रिलीज़ हुआ है, जिसमें गुंजन सिंह ने लोक संगीत के माध्यम से किसानों की समस्या का जिक्र किया है. इस गाने को गुंजन सिंह ने अपने ऑफ़िशियल यूट्यूब चैनल Gunjan Singh Entertainment से रिलीज़ किया है. खेती-किसानी पर आधारित इस गाने को क्रिटिक्स ने भी सराहा है.

इस गाने के म्यूजिक वीडियो में गुंजन सिंह के साथ उजाला यादव अभिनय करती नजर आई हैं. दोनों के अभिनय ने इस गाने को जीवंत बनाया है. गाने के बोल अमन अलबेला ने लिखे हैं, जबकि संगीत पप्पू भाई ने दिया है. म्यूजिक वीडियो का निर्देशन सुशांत सिंह और कुमार चंदन ने किया है.

गाना “पानी बिना मर जैतय किसान” किसानों की समस्याओं को बखूबी दर्शाता है. इस गाने में गुंजन सिंह ने किसानों की समस्याओं को अपनी आवाज़ में गाया है. गाने में गुंजन सिंह ने कहा है कि किसान बारिश के पानी पर निर्भर हैं, और जब बारिश नहीं होती है तो किसान परेशान हो जाते हैं. वे कर्ज में डूब जाते हैं और आत्महत्या कर लेते हैं.

गाना “पानी बिना मर जैतय किसान” एक संदेश है कि सरकार को किसानों की समस्याओं को दूर करना चाहिए. सरकार को किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना चाहिए. सरकार को किसानों को कर्ज माफ करना चाहिए और उन्हें आत्महत्या से रोकना चाहिए.

गाना “पानी बिना मर जैतय किसान” लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यह गाना किसानों की समस्याओं को बखूबी दर्शाता है और यह एक संदेश है कि सरकार को किसानों की समस्याओं को दूर करना चाहिए.

यहां कुछ लोगों की प्रतिक्रियाएं हैं जो इस गाने को पसंद कर रहे हैं:

  • “यह गाना बहुत अच्छा है. यह किसानों की समस्याओं को बखूबी दर्शाता है. सरकार को इस गाने को सुनना चाहिए और किसानों की समस्याओं को दूर करना चाहिए.”
  • “गुंजन सिंह ने इस गाने में बहुत अच्छा गायन किया है. उजाला यादव ने भी इस गाने में बहुत अच्छा अभिनय किया है. यह गाना बहुत भावुक है.”
  • “यह गाना एक संदेश है कि सरकार को किसानों की समस्याओं को दूर करना चाहिए. सरकार को किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना चाहिए. सरकार को किसानों को कर्ज माफ करना चाहिए और उन्हें आत्महत्या से रोकना चाहिए.”

By रंजन सिन्हा

रंजन सिन्हा : भोजपुरी फिल्म पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) हैं, जिनके पास मनोरंजन उद्योग में व्यापक अनुभव है। उन्हें भोजपुरी फिल्म उद्योग की गहरी समझ है और वे अपनी अंतर्दृष्टिपूर्ण रिपोर्टिंग और भोजपुरी फिल्मों की निष्पक्ष समीक्षा के लिए जाने जाते हैं।रंजन सिन्हा ने एक प्रमुख समाचार पत्र के लिए एक रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया और जल्द ही भोजपुरी फिल्म उद्योग को कवर करने के लिए चले गए। उसके बाद से उन्होंने खुद को क्षेत्र के सबसे भरोसेमंद और सम्मानित पत्रकारों में से एक के रूप में स्थापित किया है, उनके काम को प्रमुख मीडिया आउटलेट्स में नियमित रूप से प्रदर्शित किया जाता है।पीआरओ के रूप में, रंजन सिन्हा ने भोजपुरी फिल्म उद्योग में कुछ सबसे बड़े नामों के साथ काम किया है, जिससे उन्हें अपनी फिल्मों को बढ़ावा देने और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने में मदद मिली है। मार्केटिंग और प्रमोशन पर उनकी पैनी नजर है और ये अपनी इनोवेटिव और इफेक्टिव स्ट्रैटेजी के लिए जाने जाते हैं।

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