जयपुर, 14 अक्टूबर 2023: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। राहुल गांधी पायलट को पसंद करते हैं और उन्हें समर्थन भी दे रहे थे। इससे गहलोत को डर है कि राहुल गांधी राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में जितना सक्रिय होंगे, उतना ही पायलट का प्रभाव बढ़ेगा और गहलोत ये बिल्कुल नहीं चाहते।

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों के बीच शुरू हुआ विवाद बढ़ता गया था। इस विवाद के कारण गहलोत सरकार पर खतरा भी आ गया था। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच की खाई और बढ़ गई थी। हलांकि, फिलहाल दोनों नेता शांत हैं। बीते कुछ दिन पहले गहलोत ने पायलट को हाईकमान भी बताया था।

राहुल गांधी की तरफ से पायलट को समर्थन मिलने के बाद से गहलोत के लिए यह एक चुनौती बन गई है। गहलोत चाहते हैं कि पायलट राजस्थान कांग्रेस में कोई अहम भूमिका नहीं निभाएं। लेकिन राहुल गांधी चाहते हैं कि पायलट को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।

सीएम गहलोत को नहीं, कांग्रेस को पायलट की जरूरत

2018 में सचिन पायलट की बगावत के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था। इसके बाद से पायलट के पास कोई पद नहीं था। सरकार के बड़े कार्यक्रमों में भी उन्हें नहीं बुलाया जाता था। वहीं, दूसरी तरफ गहलोत लगातार उन पर हमला बोल रहे थे।

विधानसभा चुनाव से पहले अगस्त 2023 में सचिन पायलट को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया गया। तीन साल बाद पायलट को संगठन में कोई पद दिया गया था। डिप्टी सीएम के पद से हाटए जाने के बाद से वह सिर्फ विधायक की भूमिका में थे। इसे लेकर कहा गया कि गहलोत को नहीं,कांग्रेस को सचिन पायलट की जरूरत है या फिर साथ चाहिए।

राजस्थान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि गहलोत चाहते हैं कि पायलट शांत रहें और पार्टी में कोई बड़ी भूमिका न निभाएं। लेकिन राहुल गांधी चाहते हैं कि पायलट को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच क्या होता है।

By khabarhardin

Journalist & Chief News Editor

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