दिल्ली – राजस्थान विधानसभा चुनाव के आगामी आयोजन से पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लग गया है, जब वसुंधरा गुट के पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो लिया है। इस महत्वपूर्ण घड़़ी में, कुछ और नेता भी उनके साथ पार्टी में वापस लौट आए हैं।

राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने के बाद, नेताओं के घरेलू परिस्थितियों के कारण पार्टी सदस्यता बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। देवी सिंह भाटी के साथ, कुछ और नेता भी पार्टी में शामिल हुए हैं। इस स्थानीय घटना के बारे में जानकारों ने बताया कि इससे कांग्रेस पार्टी के लिए चुनावी युद्ध में एक नई चुनौती पैदा हो सकती है।

BJP के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह ने इस मौके पर एक कार्यक्रम में भाग लिया और कहा, “राजस्थान में हमारी पार्टी के सदस्यता ग्रहण करने पर हम गर्वित हैं। आज भारतीय जनता पार्टी का परिवार और विकास बढ़ रहा है, और लोग हमारी पार्टी के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ा रहे हैं।”

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी इस मौके पर बात करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम विश्वास रखते हैं, और यही आसानी से विकास और सुधार का मार्ग है।” इस साथ, वसुंधरा गुट के पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने कहा, “मैं 5 साल बाद बीजेपी में लौटा हूं। पार्टी ने मुझे गले लगा लिया है। कुछ परिस्थितियों की वजह से मैं किसी समय अलग हो गया था, लेकिन अब मैं पार्टी के एक सदस्य के रूप में वापस हूं। हम दोनों संतुष्ट हैं और एकमत हैं कि हम 2023 में बीजेपी सरकार बनाएंगे।”

इसके पहले, देवी सिंह भाटी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मेघवाल के खिलाफ खुलेआम प्रचार किया था, जब उन्हें बीकानेर से कांग्रेस

के उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह हार गईं। उन्होंने दोबारा बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस पार्टी को एक महत्वपूर्ण चुनौती दी है, जिससे चुनाव सीमित समय में और रोमांचक बन सकते हैं।

By khabarhardin

Journalist & Chief News Editor

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