मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश : 6 फरवरी, राजस्थान के बाड़मेर जिले के कुछ लोग सोनभद्र जिले की एक लड़की को देखने के लिए अहरौरा गए थे। वापस जाते समय, उन्हें फत्तेपुर टोल प्लाजा पर क्राइम ब्रांच की फर्जी टीम ने रोक लिया।
आरोपितों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए लोगों को बंधक बना लिया और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे। जब पीड़ितों ने पैसे देने से मना कर दिया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
डर के मारे, पीड़ितों ने अदलहाट पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी क्राइम ब्रांच टीम के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपितों में नागेंद्र पटेल, कुंदन उर्फ विशाल पटेल, हीरामनी गिरी उर्फ अमरनाथ और लवकुश पासवान शामिल हैं।
मुख्य आरोपित नागेंद्र पटेल के खिलाफ सोनभद्र जिले में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। वह अक्सर बाहरी लोगों से रंगदारी और छिनैती करने के लिए क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर लोगों को फोन करता था।
पुलिस ने आरोपितों के पास से एक बोलेरो, तमंचा, मोबाइल और 14 सिम बरामद किए हैं।
यह घटना एक बार फिर लोगों को सचेत करती है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और क्राइम ब्रांच या पुलिस के अधिकारी होने का दावा करने वाले व्यक्ति से हमेशा पहचान पत्र मांगें।
घटना का विवरण:
- 6 फरवरी को राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा गांव के मनसुख प्रजापति, अपने रिश्तेदार मुकेश और बोलेरो चालक के साथ मीरजापुर के अहरौरा में लड़की देखने आए थे।
- लड़की पसंद नहीं आने पर वे वापस लौट रहे थे।
- इसी बीच, सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया के नागेंद्र पटेल, पन्नूगंज के कुंदन उर्फ विशाल पटेल, हीरामनी गिरी उर्फ अमरनाथ और लवकुश पासवान ने मनसुख की गाड़ी को रोक लिया।
- खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा और सिपाही बताते हुए उन्होंने मनसुख, मुकेश और चालक को गाड़ी से उतारकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
- उनसे काफी देर तक पूछताछ की और फिर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे।
- जब मनसुख ने बताया कि रुपये लेकर हरीश उतर गया था, तो बदमाशों ने सभी को छोड़ दिया और कहा कि वे रुपये लेकर आएं, नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा।
पुलिस कार्रवाई:
- डरे हुए मनसुख और मुकेश ने अदलहाट पुलिस से शिकायत की।
- पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के निर्देश पर एएसपी आपरेशन, सीओ चुनार, अदलहाट थाना प्रभारी और अपराध निरीक्षक की टीम ने घटना का राजफाश करते हुए सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों का रिकॉर्ड:
- मुख्य आरोपित नागेंद्र पटेल के खिलाफ सोनभद्र के थाने में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं।
- वह अक्सर बाहरी लोगों से रंगदारी और छिनैती करने का काम करता है।
- क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर अलग-अलग नंबरों से लोगों को फोन करता है।
- उसके पास से 14 सिम बरामद हुए हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और क्राइम ब्रांच या पुलिस के किसी भी अधिकारी को पैसे देने से पहले उसकी पहचान जरूर कर लें।














