जयपुर: राजस्थान हाई कोर्ट ने सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के निलंबन मामले के लिए फाइनल सुनवाई की तारीख तय कर दी है। मामले की ताजा सुनवाई 24 अगस्त, 2023 को होगी।
आज जस्टिस एमएम श्रीवास्तव की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें विधायकों के निलंबन का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान देखा गया कि मामले में केन्द्र सरकार ने तीन साल में भी जवाब पेश नहीं किया है।
इस पर अदालत ने केन्द्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की फाइनल सुनवाई 24 अगस्त को आयोजित की जाएगी। यह मामला पहली बार जुलाई 2020 में सामने आया था, जब सियासी संकट के समय विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने व्हिप (विशेष हिस्सेदारी प्रबंधन) जारी किया था।
पायलट समेत 19 विधायक विधानसभा नहीं पहुंचे थे, जिसके कारण स्पीकर ने विधायकों को निलंबित करने का नोटिस जारी किया था। पायलट सहित अन्य विधायकों ने इस नोटिस के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने तब स्पीकर के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे मामला अटक गया था। यह रोक अभी भी चली आ रही है।
स्पीकर के पावर को दी गई थी चुनौती
विधानसभा स्पीकर के पावर को लेकर यह मामला काफी चर्चा का विषय रहा है। विधायकों ने कहा है कि स्पीकर के पास विधायकों को निलंबित करने का पावर नहीं है और इसे संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल कानून) के प्रावधानों के तहत चुनौती दी गई है।
सचिन पायलट और अन्य विधायकों के इस मामले में तय होने वाली फाइनल सुनवाई की तारीख के बारे में राजस्थान के राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि इससे राजस्थान की राजनीति में नए मोड़ और उलझनें उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मामले को संवेदनशीलता से देखा जाना चाहिए।
दो विधायकों की हो चुकी है मौत
कांग्रेस सरकार में आय़ा यह सियासी संकट करीब 2 माह चला था। उसके बाद पायलट सहित अन्य विधायकों का गहलोत गुट के साथ समझौता हो गया। वहीं बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस दौरान पायलट के साथ गए वल्लभनगर विधायक गजेन्द्र सिंह शेखावत व सरदारशहर विधायक भंवरलाल शर्मा का निधन हो गया। ऐसे में अब यह मामला पायलट सहित 17 विधायकों का रह गया हैं।
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दलों में बढ़ रही है उत्सुकता जानकर देखते हैं, कैसे दिखता है इस मामले का फाइनल फैसला। राजस्थान के नागरिक इस मामले के नतीजों को अज्ञात रुप से नजरअंदाज नहीं करेंगे और यह देखने के लिए तैयार हैं, कि इस मामले में किस पक्ष की चाल कामयाब साबित होगी।











