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उदयपुर पुलिस ने धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी बालू लाल पुत्र नोजीराम गमेती (उम्र 36 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने सरकारी सहायता योजनाओं के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनकी पाँच बीघा ज़मीन की रजिस्ट्री धोखे से अपने और अपनी पत्नी के नाम करवा ली और उन्हें दी गई आंशिक राशि भी वापस हड़प ली।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी बालूलाल भील (गमेती) कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, वह डूंगरपुर जिला कांग्रेस का प्रभारी और यूथ कांग्रेस का उदयपुर जिलाध्यक्ष रह चुका है।

क्या है पूरा मामला?
थाना गोगुन्दा क्षेत्र के खेरावास, दादिया निवासी प्रार्थीगणों ने पुलिस अधीक्षक महोदय के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ईसवाल में स्थित उनकी 05 बीघा पैतृक ज़मीन पर आरोपी बालूलाल भील और उसके साथियों ने मिलकर उन्हें ‘सरकारी सहायता राशि’ दिलाने का झांसा दिया।
इस झांसे में रखकर आरोपीगण उन्हें अपने साथ लेकर गए और उनकी भूमि की पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) व रजिस्ट्री धोखे से बालूलाल भील और उसकी पत्नी कमला के नाम करवा दी।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:
- चार बीघा ज़मीन की PoA डमी गणेशलाल गमेती के नाम करवाई गई, जिसने बाद में PoA से रजिस्ट्री बालूलाल की पत्नी कमला के नाम कर दी।
- एक बीघा ज़मीन की रजिस्ट्री प्रार्थीगणों से सीधे बालूलाल गमेती के नाम करवाई गई।
रजिस्ट्री में 8 लाख का उल्लेख, 6 लाख भी छीने
जांच में सामने आया है कि आरोपीगण ने रजिस्ट्री दस्तावेजों में ज़मीन के एवज में प्रार्थीगणों को आठ लाख रुपये की राशि देना दर्शाया, जबकि उनके बैंक खातों में मात्र छः लाख रुपये ही जमा करवाए गए।
इतना ही नहीं, आरोपी प्रकाश गमेती और गिरीश सिंह ने मिलकर इन प्रार्थीगणों को ई-मित्र गोगुन्दा बुलाकर यह जमा कराई गई छः लाख रुपये की राशि भी अलग-अलग समय पर पुनः निकलवा ली और हड़प ली। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी प्रकाश गमेती ने प्रार्थी का एटीएम कार्ड भी अपने कब्जे में लेकर रुपये निकाले थे।
अनुसंधान से यह स्पष्ट हुआ है कि घटना के समय रजिस्ट्री कार्यालय के पास और ई-मित्र गोगुन्दा से रुपये निकालते समय मुख्य आरोपीगण वहां मौजूद थे।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी बालूलाल गमेती के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, बालूलाल गमेती के विरुद्ध पूर्व में ही छः आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस मामले में शामिल अन्य आरोपी गिरीश सिंह के विरुद्ध भी 5 प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी बालूलाल गमेती को दिनांक 06.04.2025 को गिरफ्तार कर लिया है। इस धोखाधड़ी रैकेट में शामिल अन्य आरोपी, जिनमें दिनेश जोशी, राकेश कुमावत, लोकेन्द्र सिंह, प्रकाश गमेती और नरेश मेघवाल शामिल हैं, उनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
इस घटना ने सरकारी योजनाओं की आड़ में होने वाली धोखाधड़ी और राजनीतिक पदों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।











