सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजीसद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजी

सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्य जी शिकागो, 15 अगस्त 2023: आज शिकागो में विश्व धर्म संसद का आयोजन हुआ, जिसमें भारत के सनातन धर्म के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस समारोह में विश्व परंपराओं के प्रतिनिधियों ने शांति और आध्यात्मिकता के संदेश को साझा किया।

प्रमुख वक्ता के रूप में पद्मश्री विभूषित सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजीं (Sadguru Brahmeshanand Acharya Swamiji) ने समारोह को संबोधित किया, जहाँ वे आध्यात्मिकता और शांति के महत्व को बताया। सनातन धर्म के प्रतिनिधियों की भागीदारी से इस संसद का उद्घाटन हुआ, जिसमें भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व किया गया।

विश्व धर्म संसद के उद्घाटन समारोह में ब्रह्मेशानंदाचार्यजीं के साथ साथ अनेकों सनातन धर्म के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और साथ ही विवेक और शांति के संदेश को बढ़ावा दिया।

विश्व धर्म संसद दिनांक १४ से १८ अगस्त तक चलेगी, जिसमें दुनिया भर से अनेक संस्कृतियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है। यह संसद विभिन्न धर्मों और विश्वासों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसका उद्देश्य शांति और सद्भाव की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करना है।

इस समारोह में प्रमुख वक्ता के रूप में पद्मश्री विभूषित सद्गुरु ब्रह्मेशानंदाचार्यजीं ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों को आध्यात्मिकता के महत्व को समझाया और उन्हें शांति की दिशा में मार्गदर्शन किया। उन्होंने आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया और समाज में सद्भावना और शांति की महत्वपूर्णता को बताया।

इस महत्वपूर्ण समारोह में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करके भारत के प्रतिनिधियों ने विश्व को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस संसद के माध्यम से विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक साथ आकर शांति और सद्भाव के महत्व को प्रमोट किया है।

विश्व धर्म संसद में भारत के सनातन धर्म के प्रतिनिधियों का प्रतिष्ठान है, जिसके माध्यम से वे विश्व भर में शांति और आध्यात्मिकता के संदेश को पहुंचा रहे हैं। यह समारोह आध्यात्मिकता के महत्व को प्रमोट करने और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण और साहसिक प्रयास है।

पूज्य स्वामीजी के साथ, जैन धर्म गुरु लोकेश मुनिजी – संस्थापक अध्यक्ष अहिंसा विश्व भारती, जगद्गुरु दिलीप कुमार थक्कप्पनजी – मास्टर ऑफ इंटरफेथ, राजराजेश्वर गुरुजी – सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र – लंदन-यूके, महर्षि पूज्य गोस्वामी सुशीलजी – दिल्ली-भारत, युवाचार्य अभयदासजी महाराज – राजस्थान , भाई साहिब सतपाल सिंह खालसा – सिख धर्म के राजदूत राष्ट्रपति, शांति दूत डॉ. बिन्नी सरीन – ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर पीस एंड वेलबीइंग के संस्थापक – माउंट आबू, नामदेव जाधव, लेखक और अंतर्राष्ट्रीय प्रेरक वक्ता – पुणे भारत कई प्रतिनिधियों को विश्व धर्म संसद में आमंत्रित प्रतिभागी हैं।

दि. १७ अगस्त को पूज्य स्वामीजी विश्व धर्म संसद को “विश्व शांति का अंतिम मार्ग – आध्यात्मिकता” विषय पर संबोधित करेंगे। गुरुमाता एडवोकेट ब्राह्मीदेवीजी – अध्यक्ष सत्गुरु फाउंडेशन, भारत और डॉ. स्वप्निल नागवेकर – अध्यक्ष इंटरनेशनल सद्गुरु फाउंडेशन – यूएई काउंसिल इस समानांतर सत्र के लिए पैनलिस्ट होंगे।

By manmohan singh

News editor and Journalist

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