जयपुर, 16 सितंबर 2023: राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अशोक गहलोत के खिलाफ उठाई गई तीन मांगों में से एक भी मांग पूरी नहीं हुई है। पायलट ने अशोक गहलोत पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के शासन में हुए घोटालों की जांच नहीं करवाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। पायलट ने गहलोत के सामने तीन मांगें रखते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम पूरा हुए तीन महीने हो गए, लेकिन पायलट की एक भी मांग पूरी नहीं हुई है।

राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी साल में सचिन पायलट कोई भी बड़ा कदम उठा सकते हैं। पायलट ने अजमेर से लेकर जयपुर तक 125 किलोमीटर की पैदल यात्रा भी निकाली थी और जयपुर में आयोजित आमसभा में प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

पायलट के समर्थित विधायक और कार्यकर्ता भी उनसे खफा होते जा रहे हैं। कई समर्थक कह चुके हैं कि सचिन पायलट को अपना स्टैंड क्लियर करना चाहिए लेकिन पायलट शांत हैं।

अशोक गहलोत सहित उनके समर्थित नेता सचिन पायलट को गद्दार, नकारा, निकम्मा और कोरोना तक कह चुके हैं। इसके बावजूद भी सचिन पायलट आलाकमान के किस आश्वासन पर चुप बैठे हैं। यह समझ से परे है।

**पायलट के समर्थकों ने शुरू की ‘जय किसान’ यात्रा**

पायलट के समर्थकों ने ‘जय किसान’ यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा जयपुर से शुरू होकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए दिल्ली जाएगी। यात्रा का उद्देश्य किसानों के मुद्दों को उठाना है।

पायलट के समर्थक अशोक गहलोत पर किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार किसानों के मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करे।

By khabarhardin

Journalist & Chief News Editor

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