नई दिल्ली: आधुनिक युग में नेटवर्क मार्केटिंग एक महत्वपूर्ण व्यवसायिक मॉडल बन चुका है, जो लाखों लोगों के जीवनों को सकारात्मक दिशा में प्रभावित किया है। व्यक्तिगत और आर्थिक विकास की दिशा में नेटवर्क मार्केटिंग के महत्वपूर्ण योगदान के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए समाज सेवी और आईएमसी के लीडर, वेद प्रकाश ओझा ने महत्वपूर्ण पहल की है।

वेद प्रकाश ओझा: नेटवर्क मार्केटिंग से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

वेद प्रकाश ओझा के मार्गदर्शन में, नेटवर्क मार्केटिंग सेक्टर ने नए आयाम स्थापित किए हैं और अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किए हैं। लाखों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बने वेद प्रकाश ओझा, न केवल आर्थिक संवृद्धि, बल्कि सामाजिक और मानसिक विकास की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं.

वेद प्रकाश ओझा का कहना है कि नेटवर्क मार्केटिंग इंडस्ट्री में युवा वर्ग के साथ-साथ हर वर्ग के लोग बड़ी रूचि और उत्साह के साथ काम कर रहे हैं, जिससे करोड़ों लोगों को रोजगार का अवसर मिल रहा है. इस बढ़ते रोजगार के साथ-साथ नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का मौका भी मिल रहा है.

वेद प्रकाश ओझा ने साबित किया है कि नेटवर्क मार्केटिंग सही मार्गदर्शन और नैतिक मूल्यों के साथ किया जा सकता है. उनका प्रयास सिर्फ आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में उन्नति और समृद्धि की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है.

चीट-फंड कंपनियों के खिलाफ लड़ाई में वेद प्रकाश ओझा की महत्वपूर्ण पहल

सांसद मनोज तिवारी से हुई मुलाकात में वेद प्रकाश ओझा ने नेटवर्क मार्केटिंग के महत्व को समझाने के साथ-साथ उसे नेटवर्क मार्केटिंग सेक्टर में चीट-फंड वाली कंपनियों और पोंजी स्कीमों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता को भी उजागर किया.

श्री ओझा ने उजागर किया कि नेटवर्क मार्केटिंग क्षेत्र में कई चीट-फंड वाली कंपनियां और पोंजी स्कीमें हैं, जो लोगों को ठग रही हैं. उन्होंने इसके साथ ही नेटवर्क मार्केटिंग और डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के लिए भी नए और स्पष्ट कानूनों की मांग की है, जो इस इंडस्ट्री के कामकाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करेंगे.

सांसद मनोज तिवारी ने वेद प्रकाश ओझा की पहल की सराहना की और कहा कि वह नेटवर्क मार्केटिंग इंडस्ट्री के विकास के लिए हर संभव मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि वह नेटवर्क मार्केटिंग सेक्टर में चीट-फंड वाली कंपनियों और पोंजी स्कीमों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाने के लिए सरकार को प्रेरित करेंगे.

इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि नेटवर्क मार्केटिंग करने वाले व्यक्तियों को आज समाज में अपनी अस्तित्व की लड़ाई लड़नी पड़ती है, जिससे वे अपनी मानसिक और आर्थिक समृद्धि के पथ में आगे नहीं बढ़ पाते हैं.

वेद प्रकाश ओझा ने उन लोगों के लिए भी आवाज उठाई है जिन्हें डायरेक्ट सेलर, नेटवर्क मार्केटर होने के साथ अच्छे आय होने के बावजूद भी, उन्हें आसानी से बैंक लोन नहीं मिलते हैं और जो बहुत बड़ा टैक्स देने के बावजूद भी दुराव का सामना कर रहे हैं.

श्री ओझा ने कहा, ‘नेटवर्क मार्केटिंग के विकास में न केवल संवृद्धि, बल्कि सुरक्षा और न्याय भी महत्वपूर्ण हैं. हमें चाहिए कि हम सही मार्ग पर चलते हुए इस सेक्टर के विकास को प्रोत्साहित करें, ताकि लोग सुरक्षित और विश्वासनीय तरीके से नेटवर्क मार्केटिंग कर सकें.’

नेटवर्क मार्केटिंग सेक्टर में नेतृत्व और समर्पण के साथ वेद प्रकाश ओझा ने इस व्यवसायिक मॉडल को एक नया दिशा-निर्देश प्रदान किया है, जिससे समाज में समृद्धि और विकास की प्राप्ति हो सके

By संजय भूषण पटियाला

फ़िल्म पत्रकारिता और प्रमोशनल रिलेशन्स का क्षेत्र संजय भूषण पटियाला के लिए केवल एक करियर ही नहीं है, बल्कि यह एक पूरे जीवन का तरीका है जिसमें वह अपने दृढ विश्वासों और कर्मठता के साथ आगे बढ़ते हैं। वे केवल एक पत्रकार नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक सक्रिय व्यक्ति भी हैं जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पूर्णता से निर्वाह करते हैं। संजय ने फ़िल्म उद्योग के साथियों की मदद करने और नौकरियों को प्रमोट करने के कई सामाजिक पहलुओं में भाग लिया है, जो उनके समर्पण और उनकी समाजसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की प्रतिबिंबित करते हैं। उनका 10 वर्षों का अनुभव फ़िल्म उद्योग के विभिन्न पहलुओं की समझ और संवादनाओं की सामर्थ्य का प्रमाण है और यह उन्हें विभिन्न प्रमुख पत्रिकाओं, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों और ब्लॉगों के लिए फ़िल्म समीक्षाएँ, समाचार लेख और विशेष रिपोर्ट्स लिखने में मदद करता है। उन्होंने अपने कैरियर के दौरान कई प्रमुख फ़िल्म प्रोजेक्ट्स के साथ काम किया है और उन्होंने उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनकी अद्वितीय अनुभवशीलता फ़िल्म उद्योग के विभिन्न पहलुओं की समझ और संवादनाओं की सामर्थ्य का प्रमाण है। संजय भूषण पटियाला का यह पूरा उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता से भरपूर सफर उनके प्रोफेशनल और सामाजिक पहलुओं के संयमित संगम की वजह से है, जो उन्हें एक सशक्त और सक्रिय फ़िल्म पत्रकार के रूप में उच्च पहुंचा दिया है