भारत में हवाई सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में बताया कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों के पास लगभग 800 उड़ानों ने GPS Spoofing का सामना किया है।
इसी बीच साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञ अंकुर चंद्रकांत का बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का संभावित खतरा है।
अंकुर चंद्रकांत — जो पिछले 15 वर्षों से साइबर फोरेंसिक और काउंटर-टेररिज्म क्षेत्र में कार्यरत हैं और The Better Planet Society के संस्थापक हैं — ने कहा:
GPS Spoofing को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह तकनीक हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को निशाना बनाने में इस्तेमाल हो सकती है — जैसे उद्योगपति, वैज्ञानिक, राजनेता और सेलिब्रिटीज
GPS Spoofing के तहत विमान को नकली GPS लोकेशन भेजी जाती है, जिससे विमान की सही स्थिति भ्रमित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट अगर गलत लोकेशन पर निर्भर हो जाए तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
हालांकि अधिकारी बताते हैं कि भारतीय हवाई अड्डों पर मौजूद पारंपरिक सिस्टम जैसे VOR और DME ने स्थिति को नियंत्रित रखा, जिसके कारण उड़ानों की सुरक्षा पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ा।
लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह चेतावनी है कि अब समय आ गया है कि भारत Anti-Spoofing और Anti-Jamming तकनीकों पर तेजी से काम करे।
अंकुर चंद्रकांत का संदेश साफ है:
“यह सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं — बल्कि नेशनल सिक्योरिटी का अलर्ट है। हमें अब जागना होगा।”











