राजस्थान की रेतीली धरती और अरावली की पहाड़ियों ने हमेशा शूरवीरों की गाथाएं सुनाई हैं, लेकिन इस बार मेवाड़ के सागवान के जंगलों से एक ऐसी गूँज उठी है जिसने बॉलीवुड के गलियारों तक खलबली मचा दी है। SANWALIYA ENTERTAINMENT के बैनर तले बनी फिल्म ‘सागवान’ (Sagwaan) ने रिलीज से पहले ही वह इतिहास रच दिया है, जिसे करने का साहस बड़े-बड़े फिल्मकार नहीं जुटा पाते।
पहली बार 100% राजस्थानी ‘ब्रैंड’ का जलवा
अक्सर फिल्मों में राजस्थान को सिर्फ एक सुंदर लोकेशन के तौर पर दिखाया जाता है, लेकिन ‘सागवान’ पहली ऐसी फिल्म है जिसकी आत्मा पूरी तरह राजस्थानी है।
हीरो अपनी माटी का: उदयपुर के रीयल लाइफ ‘सुपरकॉप’ हिमांशु सिंह राजावत ने पर्दे पर अपनी दहाड़ से साबित कर दिया कि राजस्थानी टैलेंट किसी से कम नहीं।
कहानी अपनी: 2019 की उस सच्ची मर्डर मिस्ट्री पर आधारित, जिसने सिस्टम को हिला दिया था।
टीम अपनी: लेखक, निर्देशक, संगीतकार से लेकर कैमरा मैन तक—सब राजस्थान के लाल हैं।

ट्रेलर में दिखा अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा
ट्रेलर की शुरुआत ही रूह कँपा देने वाले दृश्यों से होती है। घने जंगलों के बीच ‘तंत्र-मंत्र’ का काला खेल और एक मासूम की जान पर बन आई आफत। फिल्म का मुख्य संदेश उन ढोंगी बाबाओं और कलयुगी मुखियाओं की पोल खोलना है, जो आज भी ‘श्राप’ और ‘परंपरा’ के नाम पर मासूमों का खून बहाते हैं।
ट्रेलर में हिमांशु राजावत का पुलिसिया अंदाज़ और डायलॉग—”ये कलयुगी मुखिया जो दूसरों के लिए खड्डे खोदते हैं ना, वो उसी में गिरते हैं”—दिखाता है कि यह फिल्म अंधविश्वास के खिलाफ एक बड़ी जंग है।
बॉलीवुड दिग्गजों का राजस्थानी सलाम
इस फिल्म में सयाजी शिंदे और मिलिंद गुणाजी जैसे मंझे हुए कलाकारों का होना यह साबित करता है कि फिल्म का विषय कितना गंभीर और प्रभावशाली है। फिल्म के संगीत ने भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है, जिसे ऐकार्थ-कपिल की जोड़ी ने तैयार किया है।
थिएटर जाने से पहले ये ट्रेलर जरूर देखें!
अगर आप राजस्थान के हैं, तो यह फिल्म आपके लिए गर्व की बात है, और अगर आप सिनेमा प्रेमी हैं, तो यह एक ‘मस्ट वॉच’ थ्रिलर है। फिल्म जल्द ही आपके नजदीकी सिनेमाघरों में लगने वाली है, लेकिन उससे पहले इसका खौफनाक ट्रेलर देखना न भूलें।
फिल्म ‘सागवान’ ने यह साबित कर दिया है कि अब राजस्थान सिर्फ फिल्में ‘शूट’ करने की जगह नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय फिल्में ‘बनाने’ की जगह बन चुका है। मुंबई के बड़े फिल्ममेकर्स भी अब इस राजस्थानी ‘गूँज’ को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे।











