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बारां जिले के देवरी कस्बे के सड़ गांव में शुक्रवार को ऐसी घटना हुई जिसने सबको हिला कर रख दिया। गांव के बुजुर्ग गंगाराम जाटव के निधन के बाद उनकी शवयात्रा के दौरान अचानक मधुमक्खियों का हमला हो गया। हमला इतना जबरदस्त था कि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए और अंतिम संस्कार तक नहीं हो पाया।
कैसे हुआ ये हादसा?
गंगाराम की शवयात्रा में करीब 300 लोग शामिल थे। जैसे ही ये लोग मुक्तिधाम के करीब पहुंचे, वहां अचानक मधुमक्खियों का झुंड आया और हमला कर दिया। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। कुछ खेतों में गिरते-पड़ते भागे तो कुछ सरसों और गेहूं की फसल में छिप गए। घायल लोगों को तुरंत निजी वाहनों और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

दहशत के चलते रुका अंतिम संस्कार
मधुमक्खियों के हमले के कारण परिजन शव को मुक्तिधाम से उठाकर खेतों के पास ले गए। वहां सुरक्षा के इंतजाम होने तक परिजन शव के पास ही बैठे रहे। मधुमक्खी पालन करने वालों से दो जोड़ी सुरक्षा कोट मंगाए गए, ताकि परिजन सुरक्षित तरीके से शव के पास बैठ सकें।
गांव वालों की मुश्किलें
ग्रामीणों ने बताया कि मुक्तिधाम तक जाने का रास्ता बेहद खराब है। बरसात के दिनों में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है और मुक्ति धाम पर छांव तक की व्यवस्था नहीं है। वायसराम नाम के एक ग्रामीण ने कहा, “हम पहले ही इतने मुश्किल रास्ते से गुजरते हैं, ऊपर से ये मधुमक्खियां और मुसीबत खड़ी कर देती हैं। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।”
क्या कहते हैं लोग?
इस घटना के बाद गांव वालों में डर और गुस्सा है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए प्रशासन को बेहतर इंतजाम करने चाहिए।
मधुमक्खियों के इस हमले ने एक बार फिर से गांव के बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों की अपील है कि मुक्तिधाम और वहां तक जाने के रास्ते को ठीक किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।












