प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज़ हमेशा दिल से बोलने वाला माना जाता है, लेकिन इस बार उनका संबोधन बिल्कुल अलग रहा। बिहार की महिलाओं को समर्पित कार्यक्रम में मोदी जी मां का जिक्र करते-करते इतने भावुक हो गए कि पूरा हॉल सन्नाटा और फिर तालियों से गूंज उठा।
मां का गीत सुनाते हुए भर आई आंखें
मोदी जी ने मंच से भोजपुरी गायक आलोक पांडेय गोपाल का मशहूर गीत याद किया और कहा:
“केहू कतनो दुलारी, बाकी माई ना होई… जग में बिना केहू सहाई ना होई…”
ये पंक्तियां सुनते ही लोगों को लगा मानो एक बेटा अपनी मां की याद में दर्द बयां कर रहा है। मोदी ने कहा कि उनकी मां ने कभी अपने लिए साड़ी तक नहीं खरीदी, पाई-पाई बचाकर परिवार को संभाला और गरीबी में भी त्याग किया।
राजनीति से जोड़ते हुए सीधा वार
मोदी ने कहा कि उनकी मां का राजनीति से कोई संबंध नहीं था, फिर भी कांग्रेस और आरजेडी के मंच से उनका अपमान किया गया।
- “मेरी मां को गाली देना सिर्फ मेरी मां का नहीं, बल्कि देश की हर मां का अपमान है।”
- उन्होंने तंज कसा कि “एक बेटे का दर्द शाही खानदानों के युवराज कभी नहीं समझ सकते।”
सोशल मीडिया पर आलोक पांडेय गोपाल की धूम
जैसे ही मोदी जी ने उनका गाना गाया, सोशल मीडिया पर आलोक पांडेय गोपाल का नाम छा गया।
- फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने उनके गानों के वीडियो शेयर किए।
- ट्विटर (X) पर लिखा गया – “आज मोदी जी ने मां का गीत सुनाया और हमें याद दिलाया कि भोजपुरी संगीत कितना गहरा है।”
- आलोक को लगातार DM और फोन कॉल आने लगे – कोई उन्हें धन्यवाद कह रहा था, तो कोई उनका नंबर मांग रहा था।
विदेशों से भी पहुंची बधाई
सिर्फ बिहार-यूपी ही नहीं, बल्कि अमेरिका, दुबई और मॉरीशस में बसे भोजपुरी समाज ने भी आलोक पांडेय गोपाल से संपर्क किया।
लोगों ने कहा – “मोदी जी ने आपका गीत गाकर पूरे प्रवासी समाज का दिल जीत लिया।”
खुद गायक की प्रतिक्रिया
आलोक पांडेय गोपाल ने कहा –
“ये गाना मैंने मां को समर्पित किया था। आज जब देश के प्रधानमंत्री ने मंच से इसे गाया, तो यह मेरे लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं।”
कौन हैं आलोक पांडेय गोपाल?
- मूल निवासी – सिवान, बिहार।
- पिता – पंडित रामेश्वर पांडेय (शास्त्रीय गायक)।
- शिक्षा – BHU से संगीत, गोरखपुर विश्वविद्यालय से एम.ए. हिंदी, प्रयाग संगीत समिति से संगीत प्रभाकर, चंडीगढ़ से भास्कर (एम.ए. वोकल)।
- खिताब – भोजपुरी संगीत के “फोक स्टार – माटी के लाल” जैसे सैकड़ों खिताब हासिल करने वाले कुल मिलाकर, बिहार में जितिया पर्व की तैयारियों के बीच पीएम मोदी का मां को लेकर भावुक होना और आलोक पांडेय गोपाल का गीत गाना ऐसा पल था जिसने राजनीति से परे जाकर लोगों के दिलों को छू लिया।











