जयपुर : राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जयपुर की सिविल लाइंस विधानसभा सीट से पत्रकार गोपाल शर्मा को टिकट दिया है। शर्मा एक ब्राह्मण नेता हैं। इस सीट से कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास दो बार विधायक रह चुके हैं। वे एक अनुभवी नेता हैं और क्षेत्र में एक लोकप्रिय नेता भी हैं।

गोपाल शर्मा के टिकट मिलने से क्षेत्र में एक नई हलचल पैदा हो गई है। कुछ लोगों का कहना है कि गोपाल शर्मा के टिकट मिलने से कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास की मुस्किले बढ़ सकती हैं।

क्यों बढ़ सकती हैं खाचरियावास की मुश्किलें?

सिविल लाइंस विधानसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा है। इस सीट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट दिया था। हालांकि, उन्हें भाजपा के प्रत्याशी अरुण चतुर्वेदी से हार का सामना करना पड़ा था।

गोपाल शर्मा के टिकट मिलने से ब्राह्मण मतदाताओं के एक बड़े हिस्से का समर्थन भाजपा को मिल सकता है। इससे प्रताप सिंह खाचरियावास की जीत मुश्किल हो सकती है।

क्या गोपाल शर्मा जीत सकते हैं?

गोपाल शर्मा के टिकट मिलने से भाजपा को इस सीट पर जीत की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, यह कहना अभी भी मुश्किल है कि गोपाल शर्मा जीत सकते हैं या नहीं।

गोपाल शर्मा एक नए चेहरे हैं और उनके पास अनुभव की कमी है। इसके अलावा, उन्हें कांग्रेस के अनुभवी नेता प्रताप सिंह खाचरियावास का मुकाबला करना होगा।

अगर गोपाल शर्मा भाजपा के समर्थकों को एकजुट कर पाते हैं और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने का वादा करते हैं, तो उनके पास खाचरियावास को हराने का मौका है। हालांकि, यह भी संभव है कि खाचरियावास अपने अनुभव और लोकप्रियता का इस्तेमाल करके चुनाव जीत जाएं।


सिविल लाइंस विधानसभा सीट पर गोपाल शर्मा के टिकट मिलने से चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है। यह देखना होगा कि गोपाल शर्मा और प्रताप सिंह खाचरियावास में से कौन जीतता है।

By khabarhardin

Journalist & Chief News Editor

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