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जयपुर: राजधानी जयपुर में चल रहे Jaipur Education Summit 2025 में इस बार कोटा के सुसाइड मामलों पर जमकर चर्चा हुई। समिट के आयोजक सुनील नारनौलिया ने कोचिंग इंडस्ट्री और शिक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने सीधे-सीधे कहा, “ये कोचिंग हब बच्चों को पढ़ाई के नाम पर मशीन बना रहे हैं, लेकिन इंसानियत कहीं खोती जा रही है।”
कोटा का हाल: 10 दिन में 3 सुसाइड
पिछले 10 दिनों में कोटा में 3 छात्रों ने सुसाइड कर लिया। नीट और जेईई की तैयारी कर रहे इन बच्चों पर पढ़ाई और उम्मीदों का इतना दबाव था कि उन्होंने जिंदगी को ही अलविदा कह दिया। सुनील नारनौलिया ने इस पर गहरी चिंता जताई और कहा, “क्या हम बच्चों को पढ़ाई के नाम पर इतना दबाव देंगे कि वो जिंदगी ही छोड़ दें?”

पंखे पर डिवाइस नहीं, सिस्टम में सुधार जरूरी
नारनौलिया ने कोटा के हॉस्टल्स और कोचिंग संस्थानों की खामियों को उजागर करते हुए कहा, “पंखों पर डिवाइस लगाना हल नहीं है। असली समस्या हमारे सिस्टम में है, जहां बच्चों को नंबर लाने की मशीन समझा जाता है। हमें शिक्षा प्रणाली को इंसानियत के करीब लाना होगा।”
Jaipur Education Summit में शिक्षा की खामियां उजागर
20 से 24 जनवरी तक चलने वाले इस समिट में देश-विदेश के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, और सरकारी अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान शिक्षा प्रणाली की खामियों पर खुलकर बात हुई। सुनील नारनौलिया ने कहा, “हमारे देश में शिक्षा सिर्फ रटने और नंबर लाने तक सीमित हो गई है। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी खुशहाली पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।”
‘कोचिंग हब’ या ‘सुसाइड सेंटर’?
नारनौलिया ने कोटा कोचिंग इंडस्ट्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “ये इंडस्ट्री सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए बच्चों को इस्तेमाल कर रही है। हमें यह समझना होगा कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन सकता। उनकी रुचि और खुशी का भी ख्याल रखना जरूरी है।”

बदलाव की जरूरत
Jaipur Education Summit के मंच से नारनौलिया ने शिक्षा प्रणाली में बदलाव की अपील की। उन्होंने कहा, “अब वक्त आ गया है कि हम बच्चों पर पढ़ाई का दबाव डालने के बजाय उन्हें उनकी रुचि के अनुसार बढ़ने का मौका दें। कोचिंग इंडस्ट्री को भी अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा।”
छात्रों और अभिभावकों से अपील
नारनौलिया ने छात्रों और अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, “पढ़ाई जरूरी है, लेकिन जिंदगी उससे भी ज्यादा जरूरी है। बच्चों को प्यार और प्रोत्साहन दें, न कि उन पर उम्मीदों का बोझ डालें।”
क्या बदलेगा सिस्टम?
Jaipur Education Summit 2025 ने कोटा के सुसाइड मामलों पर चर्चा करके एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि क्या यह चर्चा कोचिंग इंडस्ट्री और शिक्षा प्रणाली में बदलाव ला पाएगी या फिर यह मुद्दा भी बाकी चर्चाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।












