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जोधपुर के रमेश बिश्नोई आजकल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। वजह भी ऐसी है कि हर कोई देखकर हैरान हो जाए। रमेश के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद वो अपने पैरों के दम पर हर काम कर दिखा रहे हैं। नहाना, कपड़े पहनना, खाना-पीना से लेकर कंप्यूटर चलाने और मोबाइल पर चैटिंग तक, रमेश ने अपने पैरों को ही अपना सबसे बड़ा सहारा बना लिया है। इतना ही नहीं, रमेश फोटोग्राफी और तैराकी में भी माहिर हैं।
रमेश की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। फलोदी के गोदारा नोखड़ा गांव के इस लड़के ने अपनी ज़िंदगी में कभी हार नहीं मानी। जन्म से ही दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उन्होंने खुद को किसी से कम नहीं समझा। रमेश अपने पैरों से ही लिखते हैं और पढ़ाई में भी अव्वल रहे हैं। बीए और बीएड कर चुके रमेश अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए भी पैरों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं।

वो रोज़ सोशल मीडिया पर अपने वीडियो पोस्ट करते हैं, जिसमें वे लोगों को दिखाते हैं कि पैरों से फोटोग्राफी कैसे करते हैं, या कंप्यूटर और मोबाइल कैसे चलाते हैं। लोगों को ये देखकर हैरानी होती है कि रमेश के लिए ये सब करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके वीडियो लाखों में देखे जाते हैं और लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते।
रमेश का मानना है कि हौसला हो तो किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि अगर इंसान ठान ले, तो बिना हाथों के भी वो वो सब कुछ कर सकता है जो आम लोग हाथों से करते हैं। रमेश अब दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो दिव्यांग हैं और जिनके मन में कुछ बड़ा करने का सपना है।
ऐसे ही लोगों की कहानी सुनने का अलग ही मजा है। रमेश बिश्नोई की यह कहानी न सिर्फ हमें हौसला देती है, बल्कि यह भी सिखाती है कि हर इंसान में कुछ खास होता है, बस जरूरत होती है खुद पर विश्वास करने की।












