पुष्कर में हरी ओम एंटरप्राइजेज नाम की एक चिट फंड कंपनी हजारों लोगों के करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गई। कंपनी में 4 जिलों अजमेर, नागौर, पाली और सिरोही के लोगों ने इंवेस्टमेंट किया। ठगी के सबसे ज्यादा शिकार अजमेर और नागौर के हैं।

कंपनी 3-4 साल पहले ही पुष्कर में ऑफिस खोला था। अजमेर, नागौर, पाली और सिरोही जिले के हजारों लोगों को इंवेस्टमेंट के नाम पर लग्जरी लाइफ के सपने दिखाए। ठगी का ऐसा मायाजाल रचा कि तीर्थ पुरोहितों से लेकर डॉक्टर, बिजनेसमैन, व्यापारी, छोटे दुकानदार और मजदूरी करने वाले तक उसमें फंसते चले गए।

मामले का खुलासा होने के बाद रोज पीड़ित पुलिस स्टेशन पहुंच रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कंपनी ने 6 हजार से ज्यादा लोगों से 15 करोड़ रुपए की ठगी की। अब तक 100 से ज्यादा पीड़ित पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करवा चुके हैं।

मामले की पड़ताल की तो सामने आया कि ठगी का मास्टरमाइंड कुछ साल पहले तक बेहद आम जिंदगी जीता था। जब से उसने चिट फंड कंपनी खोली, उसका रहन-सहन ही बदल गया। वो ठगी के लिए अपनी पत्नी और भतीजे को साथ लेकर शिकार के घर जाता था।

हर महीने की किश्त जमा कराने पर लकी ड्रॉ में इनाम और फॉरेन ट्यूर के लालच देता। ऊंचे सपने और फर्जी कागजात दिखाकर एक ही परिवार से कई लोगों और रिश्तेदारों को अपने जाल में फंसा लेता।

स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में पढ़िए ठग कंपनी का पूरा मायाजाल ……

मास्टरमाइंड गोपाल उदई, जिसने अपनी पत्नी नीरू, भाई लक्की और भतीजे जीतू के साथ ठगी की पूरी साजिश को अंजाम दिया।
मास्टरमाइंड गोपाल उदई, जिसने अपनी पत्नी नीरू, भाई लक्की और भतीजे जीतू के साथ ठगी की पूरी साजिश को अंजाम दिया।

इलेक्ट्रिक आइटम की ट्रेडिंग फर्म का रजिस्ट्रेशन, खोल दी चिट फंड कंपनी

हरी ओम एंटरप्राइजेज नाम से GST में साल 2017 में पुष्कर में एक ट्रेडिंग फर्म का रजिस्ट्रेशन करवाया गया था। GST को दी गई एप्लिकेशन में इलेक्ट्रिक आइटम की ट्रेडिंग करना बताया गया था। इस ट्रेडिंग फर्म के प्रोप्राइटर गोपाल उदई ने बड़े ही शातिर तरीके से इसी GST नंबर के सहारे इलेक्ट्रिक आइटम की ट्रेडिंग फर्म न खोलकर चिट फंड कंपनी खोल ली। इसके लिए बाकायदा पुष्कर बस स्टेशन के पास ही आलीशान ऑफिस भी खोला गया।

हरी ओम एंटरप्राइजेज चिट फंड कंपनी के ऑफिस में गोपाल उदई, उसकी पत्नी नीरू, भाई लक्की और भतीजा जीतू पूरा काम संभालते थे।

इन सभी ने मिलकर सबसे पहले पुष्कर शहर के छोटे-छोटे दुकानदारों और पुरोहितों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें महज हजार रुपए महीना जमा कराने पर हर महीने सोना, कार, बुलेट और विदेश ट्यूर के सपने दिखाए। वहीं उनकी जमा रकम पर मोटा ब्याज देने का झांसा भी दिया। कुछ ही महीनों में झूठ के प्रचार से इन्होंने पुष्कर के बाहर भी हजारों लोगों को अपना शिकार बना लिया।

ये थी लोगों को ठगने वाली स्कीम

गोपाल उदई ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को ठगने के लिए शातिर तरकीब अपनाई। उसने सबसे पहले एक इनामी योजना निकाली, जिसमे एक आदमी को 30 महीनों तक हर महीने एक हजार रुपए जमा कराना था। इसमें अधिकतम जमा कराने वालों की संख्या 3 हजार लोगों की रखी गई।

सभी 3 हजार लोगों को नंबर अलॉट किए गए। इन नंबरों का हर महीने लकी ड्रॉ निकालने और इनाम देने की बात कही गई। पेम्पलेट छपवाकर इनाम में हर महीने कार, बाइक, टीवी, फ्रिज, AC, इन्वर्टर और सोने-चांदी के बिस्किट और आभूषण दिए जाने के वादे किये गए। कुछ विजेताओं को दुबई, सिंगापुर और थाईलैंड में पत्नी सहित घुमाने के भी वादे किए गए।

गोपाल उदई का भाई लक्की। वो भी इस ठगी की साजिश में शामिल था।
गोपाल उदई का भाई लक्की। वो भी इस ठगी की साजिश में शामिल था।

ग्रुप में शेयर करते लकी ड्रॉ का वीडियो

गोपाल हर महीने बकायदा लकी ड्रॉ खोलता और उसका वीडियो बनाकर सभी मेंबर्स के साथ वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर करता। इसमें बड़े ही शातिर तरीके से पहले 5 इनाम खुद के रिजर्व रखे गए नंबर्स पर खोलता। वहीं छोटे इनाम कुछेक मेंबर्स के लिए खोल दिए जाते। उन्हें भी इनाम जल्द ही देने का झांसा दे दिया जाता। मेंबर्स को अपने नंबर के अलावा दूसरे किसी के नंबर की जानकारी नहीं दी जाती थी। इससे कभी भी गोपाल की ठगी का खुलासा नहीं हो पाया।

एक के बाद एक लोगों ने अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को भी गोपाल की ठगी के मायाजाल से जुड़वा दिया। पड़ताल में सामने आया कि गोपाल 3-3 हजार लोगों से 2 स्कीम में हर महीने रुपए ले रहा था। इसमें से एक स्कीम 20 जून 2023 को पूरी हो चुकी थी। वहीं दूसरी स्कीम में भी करीब आधी किश्तें जमा हो गई थी।

30 महीने का ठगी वाला मनी बैक प्लान समझिए

ठग गोपाल के बनाये गए मनी बैक प्लान में एक हजार रुपए से इन्वेस्टमेंट शुरू होता था, जिसे 30 महीने के लिए जमा करवाने पर 3 हजार ब्याज सहित आखिर में 33 हजार रुपए रिटर्न मिलता था। इस बीच 30 महीनों तक हर महीने लकी ड्रॉ जीतने का मौका मिलता।

इस लकी ड्रॉ में हर महीने कार, सोना, चांदी, बाइक और कई कीमती इलेक्ट्रॉनिक आइटम व विदेश घूमने का मौका दिया जाता। ये प्लान लोगों को इतना बढ़िया लगा कि लकी ड्रॉ जीतने के लिए एक ही घर से 10-10 लोग इस प्लान से जुड़ गए। इतना ही नहीं अपने नाते-रिश्तेदारों को भी इस प्लान में जुड़वा लिया।

हर महीने जमा रकम की प्रिंटेड रसीद, ऑनलाइन पेमेंट पर ग्रुप में मिलता स्क्रीनशॉट

गोपाल ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए ठगी का ऐसा सिस्टम बनाया कि किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। उसने कई वॉट्सऐप ग्रुप बना रखे थे, जिसपर रोज पूरी जानकारी शेयर की जाती। हर महीने की रकम जमा करवाने पर प्रिंटेड रसीद दी जाती थी।

अगर कोई ऑनलाइन पेमेंट जमा करवाता तो उसकी रसीद उसके व्हाट्सएप नंबर पर और ग्रुप में शेयर कर दी जाती थी। गोपाल की ठगी का शिकार हुए पुष्कर के दुकानदार रामचंद्र ने हमें बताया कि अगर कोई रसीद लेना भूल जाता या देरी कर देता तो गोपाल और उसका भतीजा जीतू सामने से फोन कर याद दिलाते।

अब पढ़िए उन लोगों का दर्द, जिन्होंने लालच में गंवा दिए रुपए…

बेटियों की शादी के लिए जमा करवाए थे रुपए, अब नींद नहीं आती

पुष्कर में ससुराल में रह रहे रामचंद्र जीनगर ने बताया कि उन्हें उनकी सास ने कई साल पहले पुष्कर में फैंसी आइटम की दुकान करवाई थी। जिसे संभाल कर वो अपना और अपने परिवार का गुजरा चलाते है। 15 अक्टूबर 2020 को हरिओम एंटरप्राइजेज चिट फंड कंपनी का मालिक गोपाल उदई अपनी पत्नी नीरू के साथ उनके घर आया। उसने 30 महीने तक हजार रुपए जमा कराने वाली मनी बैक स्कीम के बारे बताया।

रामचंद्र बताते हैं कि उन दिनों मैं मेरी दो बेटियों की शादी के लिए हर महीने बैंक में रुपए जमा कराने की सोच रहा था। गोपाल का प्लान ऐसा था कि में उसे मना नहीं कर पाया और दो किश्तें शुरू करने को कहा।

गोपाल ने बताया कि आपके आस-पड़ोस वालों ने कम से कम 10 किश्तें करवाई हैं। आपको भी ज्यादा किश्तें शुरू करवानी चाहिए। इसके बाद मैंने मेरी गारंटी पर मेरे अलावा 8-10 जान-पहचान वालों को भी उसकी स्कीम से जुड़वा दिया। एक बार लकी ड्रॉ के इनाम में इन्वर्टर भी खुला। गोपाल ने बताया कि एक-एक आइटम नहीं देंगे। ड्रॉ के अंत में सभी विजेताओं को एक साथ ही इनाम दिए जाएंगे।

पिछले महीने स्कीम के 30 महीने पूरे हो गए तो मैंने गोपाल से इनाम और जमा रकम लौटाने को कहा। तब गोपाल ने कहा था कि कुछ टेक्नीकल इश्यू आ रहे हैं। 5-10 दिनों में फंक्शन कर सभी को एक साथ पेमेंट कर दिया जाएगा। इसके बाद अभी 16 जुलाई को पता चला कि गोपाल अपने ऑफिस और घर के ताले लगाकर पत्नी नीरू, भाई लकी और भतीजे जीतू के साथ फरार हो गया है।

पता चला कि वो मेरे जैसे ही हजारों लोगों के करोड़ों रुपए लेकर भागा है। अब इसी साल दोनों बेटियों की शादी करनी है, यहीं सोचकर नींद नहीं आती है। लालच में आकर उनकी शादी के लिए बचाई गई रकम ठगों को लुटवा दी। वहीं जान-पहचान वाले लोग भी मुझसे अपने रुपए मांग रहे है। मेरे साथ गोपाल ने साढ़े तीन लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया है।

By khabarhardin

Journalist & Chief News Editor