बीकानेर। नगर निगम चुनाव 2026 के बीच वार्ड नंबर 11 में राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस की ओर से पूर्व भारतीय सेना के जवान भगवान सिंह राठौड़ मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने नरेन्द्र सिंह राठौड़ को प्रत्याशी बनाया है। वहीं स्थानीय राजनीति में पूर्व पार्षद विकास की भूमिका भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है और उनके निर्दलीय मैदान में उतरने की चर्चा ने मुकाबले को और त्रिकोणीय बना दिया है। स्थानीय मीडिया में भाजपा की वार्ड 11 की सूची में नरेन्द्र सिंह राठौड़ और कांग्रेस की अंतिम सूची में भगवान सिंह राठौड़ के नाम की पुष्टि हुई है।
पूर्व सैनिक की छवि बनाम राजनीतिक अनुभव
वार्ड 11 में कांग्रेस प्रत्याशी भगवान सिंह राठौड़ की सबसे बड़ी पहचान उनका भारतीय सेना से जुड़ा अतीत है। चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थक उनकी सैन्य सेवा, अनुशासन और सादगी को प्रमुखता से सामने रख रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर उनके समर्थकों का कहना है कि सेना में सेवा करने वाले व्यक्ति से लोगों को ईमानदारी, अनुशासन और बिना भेदभाव काम करने की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि राठौड़ का सीधा-सादा व्यक्तित्व चुनावी चर्चा का प्रमुख हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
विकास के पिछले कार्यकाल पर उठ रहे सवाल
वार्ड में पूर्व पार्षद विकास के पिछले कार्यकाल को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज है। स्थानीय स्तर पर कुछ मतदाताओं की ओर से सड़कों, मूलभूत सुविधाओं और विभिन्न कॉलोनियों के विकास को लेकर असंतोष की बातें सामने आ रही हैं।
हालांकि, इन शिकायतों की व्यापक स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें स्थानीय मतदाताओं और राजनीतिक विरोधियों के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। 2019 के नगर निगम चुनाव में वार्ड 11 से भाजपा के विकास सियाग विजयी हुए थे।
नरेन्द्र सिंह के टिकट को लेकर भी चर्चा
भाजपा द्वारा वार्ड 11 से नरेन्द्र सिंह राठौड़ को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ स्थानीय लोगों और विरोधी खेमों की ओर से उन्हें वार्ड के बाहर से लाया गया प्रत्याशी बताया जा रहा है और इसे लेकर नाराज़गी का दावा किया जा रहा है।
















