फिल्म चिड़ियाखानाफिल्म चिड़ियाखाना

फिल्म चिड़ियाखाना: दिल दोस्ती एटसेट्रा और इस्सक के बाद जाने-माने निर्देशक मनीष तिवारी की नई फ़िल्म “चिड़ियाखाना” 2 जून रिलीज को तैयार है। फुटबॉल पर आधारित यह फिल्म 2 जून को देश भर में रिलीज हो रही है। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा निर्मित और भारती स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म प्लाटून वन द्वारा रिलीज की जाएगी।

इसके लिए फिल्म प्रमोशन जोर शोर से चल रहा है। वहीं, फुटबॉल पर आधारित होने के नाते भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और पद्म श्री सम्मान से सम्मानित भाईचूँग भुटिया ने भी इस फिल्म की सराहना की है और दर्शकों से देखने की अपील की। उन्होंने इसके लिए एक वीडियो जारी किया है।

वहीं, फिल्म में प्रमुख भूमिका में नजर आने वाले सांसद और अभिनेता रविकिशन ने इस फिल्म को बिहार में टैक्स फ्री करने की मांग की है। उन्होंने यह भी जानकरी दी कि राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) ने बिहार सरकार में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को इसके लिए अनुरोध पत्र भेजा है।

खेल भावना और एकजुटता की कहानी है फिल्म चिड़ियाखाना

फ़िल्म “चिड़ियाखाना 2” एक क्लासिक अंडरडॉग कहानी है। इस फ़िल्म के मुख्य किरदार में ऋत्विक सहोर हैं। उनका किरदार बिहार के एक लड़के की है, जो अपनी मां के साथ मुंबई के चॉल में रहता है। फिल्म में ऋत्विक के साथ अवनीत कौर, प्रशांत नारायणन, रवि किशन, राजेश्वरी सचदेव के अलावा गोविंद नामदेव, अंजन श्रीवास्तव ने अपनी अपनी भूमिकाओं में शानदार अभिनय किया है।

इस फिल्म की कहानी ऐसे शक्स की है, फुटबॉल और जुनून जीने के लिए अपनी अमिट छाप छोड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल खुद को, बल्कि अपने दोस्तों और अपने स्कूल को भी सशक्ति प्रदान करता है। दुश्मनों को दोस्त बनने पर मजबूर करता है। फ़िल्म के निर्देशक मनीष तिवारी मानते हैं कि चिड़ियाखाना खेल भावना और एकजुटता की कहानी है।

फ़िल्म का वितरक प्लाटून वन के शिलादित्य बोरा हैं। उन्होंने कहा कि मैं “दिल दोस्ती एटसेट्रा का एक प्रशंसक होने के नाते इस फ़िल्म से जुड़कर बहुत खुश हूँ। एनएफडीसी की फ़िल्म है, इससे गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। इस फिल्म के मधुर गीत संगीत जी म्यूजिक पर प्रसारित हो रहे हैं। उक्त जानकारी फ़िल्म से जुड़े रविराज पटेल ने दी है।

फिल्म को टैक्स फ्री करवाने चाहते हैं रवि किशन

ट्रेलर लाॅन्च के मौके पर अपनी बात रखते हुए रवि किशन ने कहा, “मैं सरकार से बात करूंगा कि चिड़ियाखाना फित्ल्म को एंटरटेनमेंट टैक्स फ्री करे।” बता दें कि ये फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है, जिसकी जुनूनीयत फुटबॉल हैं। उसकी लगन और फुटबाॅल के प्रति उसका पागलपन देखकर उनके अपने भी उसे साथ जुड़ जाते हैं, जो कभी उसका विरोध करते थे।

फिल्म का लीड एक्टर सूरज बिहार से मुंबई अपनी मां के साथ आता है और इस शहर की भूल-भुलैया में अपने पैर जमाता है। इस फिल्म का निर्माण राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) द्वारा किया गया है। फिल्म 2 जून, 2023 को सिनेमाघरों में  रिलीज होने वाली है।

रवि किशन के अलावा ये स्टार्स हैं लीड रोल में

चिड़ियाखाना‘ एक बिल्कुल अलग थीम पर बनी हैं। इस फिल्म में रवि किशन के आलवा एक्ट्रेस अवनीत कौर, एक्टर ऋत्विक सहोर, प्रशान्त नारायण, राजेश्वरी सचदेव, वेटेरन एक्टर अंजन श्रीवास्तव लीड रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म के डायरेक्टर मनीष तिवारी हैं।

फुटबॉल खेल पर बनी इस फिल्म के लिए रवि किशन ने काफी खुशी की जाहिर की और कहा, “क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है, लेकिन और भी खेल हैं उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। मैं चाहता हूं कि देश में सभी खेलों पर ध्यान दिया जाए और लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए हर जगह स्टेडियम बनाए जाए।”

अपनी नई फिल्म ‘चिड़ियाखाना’ के प्रचार के सिलसिले में मंगलवार को मुंबई की मीडिया से रूबरू हुए सांसद और अभिनेता रवि किशन ने देश में स्थानीय खेलों के प्रोत्साहन पर खासा जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है, लेकिन और भी जो खेल हैं उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता हूं। मैं चाहता हूं कि देश में सभी खेलों पर ध्यान दिया जाए और लोगों को प्रोत्साहित किया जाए।’ रवि किशन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बन रहे स्टेडियमों की भी इस मौके पर जानकारी दी और कहा कि जितने ज्यादा देश में स्टेडियम बनेंगे, उतनी ही खेल प्रतिभाएं निखरेंगी।

By रंजन सिन्हा

रंजन सिन्हा : भोजपुरी फिल्म पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) हैं, जिनके पास मनोरंजन उद्योग में व्यापक अनुभव है। उन्हें भोजपुरी फिल्म उद्योग की गहरी समझ है और वे अपनी अंतर्दृष्टिपूर्ण रिपोर्टिंग और भोजपुरी फिल्मों की निष्पक्ष समीक्षा के लिए जाने जाते हैं।रंजन सिन्हा ने एक प्रमुख समाचार पत्र के लिए एक रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया और जल्द ही भोजपुरी फिल्म उद्योग को कवर करने के लिए चले गए। उसके बाद से उन्होंने खुद को क्षेत्र के सबसे भरोसेमंद और सम्मानित पत्रकारों में से एक के रूप में स्थापित किया है, उनके काम को प्रमुख मीडिया आउटलेट्स में नियमित रूप से प्रदर्शित किया जाता है।पीआरओ के रूप में, रंजन सिन्हा ने भोजपुरी फिल्म उद्योग में कुछ सबसे बड़े नामों के साथ काम किया है, जिससे उन्हें अपनी फिल्मों को बढ़ावा देने और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने में मदद मिली है। मार्केटिंग और प्रमोशन पर उनकी पैनी नजर है और ये अपनी इनोवेटिव और इफेक्टिव स्ट्रैटेजी के लिए जाने जाते हैं।

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